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पीएम किसान सम्मान निधि योजना : जल्द कराएं केवाईसी वरना नहीं मिलेगा लाभ

 

जानें, क्या है केवाईसी, क्यों है जरूरी और कैसे की जाती है?

किसानों के बीच काफी लोकप्रिय योजनाओं में से एक पीएम किसान सम्मान निधि योजना है। इस योजना की खास बात ये हैं कि इसमें मिलने वाला पैसा सरकार की ओर से सीधा किसान के खाते में ट्रांसफर किया जाता है। इस योजना का सीधा फायदा किसान को मिलता है। इस योजना के तहत सरकार की ओर से साल भर में 6 हजार रुपए की सहायता किसानों को दी जाती है। 

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर चार माह के अंतराल में तीन समान किस्तों में 2-2 हजार रुपए की राशि किसानों के खातें में ट्रांसफर की जाती है। ऐसे में कई अपात्र किसान भी इस योजना से जुड़ गए और इस योजना का लाभ लें रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने इस योजना से जुड़े किसानों के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है ताकि अपात्र किसानों की पहचान हो सके और उन्हें योजना से बाहर कर केवल पात्र किसानों को इसका लाभ दिया जा सकें। बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कई राज्यों में काफी संख्या में लोगों द्वारा फर्जी तरीके से सम्मान निधि की राशि उठाई गई जिसकी वसूली की कार्रवाई सरकार की ओर से की जा रही है। इसलिए यदि आप चाहते हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत मिलने वाली 6 हजार रुपए की सालाना राशि आपको आगे भी मिलती रहे तो आप अपनी ई-केवाईसी जरूर कराएं। सरकार ने इसे अब अनिवार्य कर दिया है। आज हम ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से आपको ई-केवाईसी क्या होती है, क्यों जरूरी है और इसे कैसे करते हैं? इन बातों की जानकारी दे रहे हैं इसलिए खबर को शुरू से लेकर अंत तक पढ़े ताकि आपको बिना रूकावट पीएम सम्मान निधि का लाभ मिलता रहे। 

PM Kisan Samman Nidhi Yojana : ई-केवाईसी क्यों है जरूरी

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ देश के सभी पात्र किसानों को मिल सके इसके लिए केंद्र सरकार ने अब सभी किसानों के लिए ई- केवाईसी को आवश्यक बना दिया गया है। सरकार ने योजना के अपात्र किसानों तथा आवेदकों को अलग करने के लिए ई-केवाईसी करवाने का फैसला लिया है। इसके तहत देश के किसान https://pmkisan.gov.in/ पर जाकर ई-केवाईसी करा सकते हैं। पीएम किसान योजना की वेबसाइट से या नजदीकी सीएससी सेंटर से किसान आवेदन कर सकते हैं। अब नये वित्त वर्ष से उन्हीं किसानों को पीएम-किसान योजना का लाभ उन्हें ही दिया जाएगा जिन किसानों ने अपना ई-केवाईसी कराया है, इसलिए सभी पात्र लाभार्थी किसान योजना का लाभ लेने के लिए जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी कराएं। 

किसान कब तक करा सकते हैं ई-केवाईसी

पीएम किसान योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी कराने के लिए अंतिम तिथि निर्धारित कर दी गई है। बिहार राज्य नोडल पदाधिकारी पीएम किसान सम्मान निधि योजना कृषि विभाग, पटना के द्वारा यह बताया गया है कि 31 मार्च 2022 तक ई-केवाईसी कराना जरूरी है। 

क्या होता है केवाईसी

केवाईसी की फुल फॉर्म नो योर कस्टमर होता है। जिसका हिंदी में अर्थ होता है कि अपने ग्राहक को पहचानना। बैंक अपने कस्टमर यानि आपकी पहचान करती है तो इस केवाईसी यानि पहचानने की प्रक्रिया में बैंक आपसे आपके कुछ डॉक्यूमेंट मांगता है। आपके ये डॉक्यूमेंट केवाईसी दस्तावेज या डॉक्यूमेंट कहलाते हैं। आपको बता दें कि अगर आपका बैंक अकाउंट निष्क्रिय हो गया है तो बैंक आपके निष्क्रिय अकाउंट को फिर से चालू करने के लिए आपके केवाईसी डॉक्यूमेंट मांगता है। 

केवाईसी कराने के लिए किन दस्तावेजों की होती है जरूरत

केवाईसी के लिए जो दस्तावेज या डॉक्यूमेंट जरूरी होते हैं उनमें पहचान पत्र, आपके एड्रेस प्रूफ, आपका हाल ही का पासपोर्ट साइज फोटो आता है। आप अपने आइडेंटिटी और आपके एड्रेस प्रूफ में से कोई भी वैलिड आईडी प्रूफ  जैसे- आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या पैन कार्ड लगा सकते हैं। हालांकि पैन कार्ड सिर्फ आइडेटिटी प्रूफ होता है। इसमें आपका पता नहीं होता है लेकिन बाकी के डॉक्यूमेंट में आप अपने एड्रेस को भी वेरिफाई कर सकते हैं। ये सभी डॉक्यूमेंट केवाईसी दस्तावेज कहलाते हैं। 

कैसे करें ई-केवाईसी

इस योजना अंतर्गत ई-केवाईसी ऑथोन्टिकेशन (प्रमाणीकरण) कार्य ई-केवाईसी ओटीपी (मोबाइल पर एक पासवर्ड प्राप्त करके) तथा ई-केवाईसी बायोमेट्रिक मोड (उंगलियों के निशान) द्वारा किया जा सकता है। योजना के लाभार्थी सीएससी केंद्र/वसुधा केंद्र पर जाकर ई-केवाईसी बायोमेट्रिक मोड द्वारा करा सकते हैं। 

ई-केवाईसी के लिए कितना लगता है शुल्क

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत ई-केवाईसी करने के लिए लाभार्थियों को निर्धारित राशि का भुगतान सीएससी केंद्र पर करना होगा। इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा प्रति किसान सत्यापन हेतु 15 रुपए की दर से निर्धारित किया गया है।

किसान भाई घर बैठे भी कर सकते हैं ई-केवाईसी

किसान भाई स्वयं भी ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके लिए आपको लैपटॉप या मोबाइल की जरूरत होगी। इसके लिए किसानों को आधार कार्ड के जरिये वेरिफिकेशन को पूरा करना होता है। जो किसान भाई स्वयं ये काम नहीं कर सकते हैं वे सीएससी सेंटर पर जाकर भी इस काम को पूरा कर सकते हैं। 

ई-केवाईसी करने की प्रक्रिया

किसानों की सुविधा के लिए ई-केवाईसी करने का पूरी प्रक्रिया यहां बताई जा रही है ताकि वे स्वयं भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा कर सकें।  

•    ई-केवाईसी के लिए सबसे पहले आपको पीएम किसान की अधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/ पर जाना होगा।
•   यहां दायीं ओर आपको फार्म कॉर्नर दिखाई देगा।
•    फार्मर्स कॉर्नर के पास ही ई-केवाईसी का लिंक दिया गया है, उस पर क्लिक करना होगा। 
•    अब आपको अपना आधार नंबर टाइप करना होगा।
•    आधार नंबर डालने के बाद इमेज कोड एंटर करें और सर्च पर क्लिक कर दें।
•    अब आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, उसे एंटर करें।
•    अगर आपके द्वारा दी गई सारी जानकारियां सही है, तो ओटीपी एंटर करते ही ई-केवाईसी पूरी हो जाएगी।


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क्या है ग्राम चौपाल ( village chaupal )

ग्राम पंचायत की ओर से केंद्र और प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए ग्राम चौपाल लगाई जाती है। इन ग्राम चौपालों का आयोजन अधिकांश: रात्रि में किया जाता है ताकि किसान व पशुपालक अपने कार्यों से फ्री होकर इसमें शामिल हो सके और सरकारी की लाभकारी योजनाओं को समझकर उसका लाभ उठा सके। ग्राम पंचायत लगाने से पहले पूरे गांव में मुनादी करा कर लोगों को सूचित किया जाता है कि इस दिन गांव में चौपाल लगाई जाएगी।

ग्राम चौपाल में किसानों के लिए किए जाएंगे ये काम

किसानों के लिए ग्राम पंचायत की ओर से नियमित तय तिथि पर किसान ग्राम चौपाल व किसान पाठशाला का आयोजन आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें किसानों को खेती-किसानी, पशुपालन, मछली पालन आदि विषयों पर किए जा रहे नवाचार की जानकारी देने के साथ ही किसानों को नई योजनाओं एवं कृषि में किए जा रहे नवाचारों से अवगत करवाया जाएगा। इसके अलावा किसानों को खेती- किसानी आदि कार्यों में आ रही समस्याओं का समाधान करने के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 

ग्राम चौपाल से किसानों को होंगे ये लाभ

चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों से अवगत कराया जाएगा।
इस चौपाल में कृषि क्षेत्र में किसानों की समस्याओं की जानकारी प्राप्त की जाएगी तथा इन समस्याओं के समाधान हेतु किसानों से सुझाव भी लिए जाएंगे। 
इस कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिकों / विशेषज्ञों के माध्यम से किसानों को कृषि से संबंधित नवीनतम तकनीक की जानकारियां किसानों तक पहुंचाई जाती है। 
इसके अलावा किसान हित समूह, खाद्य सुरक्षा समूह तथा किसान उत्पादन संगठन के गठन की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराते हुए उत्पादन से लेकर विपणन तक में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

बिहार में ग्राम चौपाल की तय की गई तिथि, राज्य की सभी 8405 ग्राम पंचायतों में होगा ग्राम चौपाल का आयोजन

बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिलों में किसानों के लिए ग्राम चौपाल आयोजित करने की तिथि निश्चित कर दी है। कृषि मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि एक अगस्त से 15 अगस्त तक किसान चौपाल के आयोजन किए जाने की संभावना है। किसान चौपाल का आयोजन राज्य के सभी पंचायत के गांवों में बारी-बारी से की जाती है। किसानों को तिथि की सूचना दी जाएगी ताकि वे ग्राम पंचायत में आकर अपनी समस्याओं को बता कर समाधान प्राप्त कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इस वर्ष किसान चौपाल आयोजित करने के निर्देश दे दिए हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने 924.55 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। बिहार राज्य की सभी 8405 ग्राम पंचायतों में किसानों के लिए ग्राम चौपाल का आयोजन किया जाना है।

ग्राम चौपाल में कौन-कौन होंगे शामिल

कोरोना संक्रमण के कारण किसान के लिए ग्राम चौपाल का आयोजन में बिलंब हो रहा है। यदि कोरोना संक्रमण पर काबू पा लिया गया तो किसान ग्राम पंचायत में  किसान, वैज्ञानिक एवं पदाधिकारी एक साथ शामिल हो सकेंगे। नहीं तो इसका आयोजन डिजिटल के माध्यम से किया जाएगा। गौरतलब है कि किसान ग्राम पंचायत के माध्यम से लगने वाली चौपालों में किसानों को अपने गांव / पंचायत में खेती-बाड़ी की जानकारी के साथ ही कृषि से जुड़े अन्य क्षेत्रों के बारे में भी आवश्यक ज्ञान विशेषज्ञों द्वारा दिया जाता है।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना : जल्द कराएं केवाईसी वरना नहीं मिलेगा लाभ Reviewed by Sport Articles on जनवरी 28, 2022 Rating: 5

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